वेदांग क्या है? यह कितने प्रकार के होते हैं।

वेदांग क्या है


वेदांग क्‍या है

जब 4 वेदों को बनाया गया। और इन 4 वेदों को बनााने के बाद जब इन वेदों को आम लोगों के समाने रखा गया। तो वह इन वेदाें काे पढ़ या समझ नही पा रहे थे। उन्‍हें इन वेदों को समझने में बहुत सारी समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा था।

तो वेदों को सही ढंंग से समझने के लिए 6 वेदांगों की रचना की गई। और इन 6 वेदांगों का काम यह था कि ये वेदों को समझने सहायता प्रदान करते हैं।


वेदाें को समझने के लिए रचित ग्रन्‍थों काे वेदांग या सूत्र साहित्‍य कहते है।


 वेदांग/सूत्र साहित्‍य 
वेदांग रचियता
शिक्षा पाणिनी, कात्‍यायन
कल्‍प गौतमण्, बौधायन
व्‍याकरण अष्‍टाध्‍यायी (पाणिनी) 
निरूक्‍त निघण्‍टु (यास्‍क) 
छंद पिंगल
ज्‍योषि आर्य भटट

 


वेदांग/सूत्र साहित्‍य

वेदांग 6 प्रकार के होते हैं। 

  1. शिक्षा
  2. कल्‍प
  3. व्‍याकरण
  4. निरूक्‍त
  5. छन्‍द 
  6. ज्‍योतिष


1. शिक्षा

सबसे पहले जो वेदांग है। वह है शिक्षा, शिक्षा में उच्‍चारण की बात की गई है। जो शब्‍द वेदाें में लिखे गये हैं । उनका उच्‍चारण किस प्रकार करेगें ।


2. कल्‍प

दूसरा जो वेदांग है वो है कल्‍प, कल्‍प में रस्‍म या जो समाराेह होते है। उसका आयोजन किस प्रकार होगा।

 


3. व्‍याकरण

तीसरे जो वेदांग है उसे कहा जाता है व्‍याकरण। इससे प्रकृति और प्रत्‍यय आदि के योग से शब्‍दों कि सिध्दि  और उदात्‍त, अनुदात्‍त तथा स्‍वरित स्‍वरों के स्थिति का बोध होता है।

 

4. निरूक्‍त – 

वेदांग निरूक्‍त में शब्‍दों की उत्‍पत्ति के बारे में बताया गया है। अर्थात जो संस्‍कृत शब्‍द है, जो आर्य शब्‍द है, गंगा शब्‍द है इन शब्‍दों की उत्‍पत्ति कैसे हुई। इसके बारे बताया गया है।


5.
छन्‍द

वेदो में प्रयुक्‍त गायत्री, उष्णिक आदि छंदों के रचना का ज्ञान छन्‍दशास्‍त्र से होता है, छन्‍द वेदों के आवरण होते हैं।


6. ज्‍योतिष

इस वेदांग से वैदिक यज्ञों और अनुष्‍ठानों का ज्ञान होता है। तथा ज्‍योतिष शास्‍त्र से काल का ज्ञान होता है। अनेक वैदिक पहेलियों का ज्ञान बिना ज्‍योतिष के नहीं हो सकता है।

निर्ष्‍कष –  इन छ: वेदांगों के माध्‍यम से वेद को समझने और सीखने में सरल प्रदान करते हैं। 


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FAQ – वेदांंग/सूत्र साहित्‍य

वेदांग किसे कहते है?

वेदों को समझने के लिए रचित ग्रन्‍थों को वेदांग/सूत्र साहित्‍य कहते हैं।

वेदांगों की संख्‍या कितनी होती है?

वेदांग 6 प्रकार के होते हैं।
1. शिक्षा।
2. कल्‍प।
3. व्‍याकरण।
4. निरूक्‍त।
5. छंद।
6. ज्‍योतिष।

6 वेदांगों का क्‍या काम था?

6 वेदांगों का काम यह था कि ये वेदों को समझने में सहायता प्रदान करते हैं।

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